जिला प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनीधी मिलकर जनता को गुमराह कर रहे है - प्रभु टोकिया(कांग्रेसनेता)
स्थानिय स्वराज संस्थाओं के जन प्रतिनीधी तो पावरलेस है,फिर ये अवार्ड पे अवार्ड किस बात के ? जब जिला प्रशासन के अधिकारीयों के अगुवाई में स्थानिय स्वराज संस्थाओं का कार्य किये जा रहा है,तो एवार्ड जिला पंचायत प्रमुख के हाथ में क्यों ? मुजे एसा लगता है,कि जिला प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनीधी मिलकर जनता को गुमराह कर रहे है ? प्रभुटोकिया (कांग्रेसनेता)
स्थानिय स्वराज संस्थाओं कि समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति एवं ग्रामीण व पंचायती राज मंत्री समक्ष बात पहुचाने का,जिला पंचायत अध्यक्षा निशा भांवर के पास सुनहरा मौका था. दादरा नगर हवेली एवं दमन दीव में आये दिन कोई ना कोई एवार्ड स्थानिय स्वराज संस्थाओं दिया जा रहा है. पिछ्ली बार दादरा नगर हवेली एवं दमन दीव को हर घर नल से जल शत प्रतिशत पहोचाने को लेकर केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जल मिशन अंतगर्त सुरु की गई जल योजना के तहत दादरा न नगर हवेली के 52353 घरों को पूर्ण रुप से नल से जल पहुचाने का प्रथम स्थान का एवार्ड दिया गया था. परंतु जमीन स्तर पर 50% लोगो के घर तक नल नही पहुचा है और नही नल से पानी पीने की बात तो दुर है,नल का पानी देखनो नही मीला है. ग्रामीण विस्तार मादोनी-सिंदोनी जैसे पंचायत विस्तार में तो खुद जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारीयों द्वारा भी पानी के किल्लत को लेकर सम्स्याए देख चुके है. दादरा नगर हवेली जिला प्रशासन के अधिकारीयों द्वारा सबकुस पेपर पर 100% कार्य दीखाया जा रहा है परंतु जमीनी स्तर पर उसका उलटा देखने को मीलेगा. दादरा नगर हवेली में रोड कि वजह से जनता पहले सी परेशान है.ग्रामीण विस्तार में केंद्र कि सरकार कि योजनाए लाभार्थी तक पहुचाने में जिला प्रशासन अबतक पुरी तरह से फैल रही है. यही नही अब तक जिला पंचायत और प्रशानिक विभिन्न विभागों से सेक्डों लोगो कि नोकरीया जा चुकी है. नई सरकारीयोन नोकरीयो में स्थानिय जनता को प्राथमिकता नही दी जा रही है. सांसद से लेकर स्थानिय स्वराज संस्थाओं के जन प्रतिनीधी नाम के रह गये है. चुने हुवे जन प्रतिनीधीयों का अस्तित्व पुरी तरह खत्म हो चुका है. और कभी भी इन जन प्रतिनीधीयों ने अपने अधिकार की बात नही की , आज प्रदेश में दिन ब दीन मेहगाई बड रही है.भष्ट्राचार चरम सीमा पर है. सरकारी बाबु बेलगाम होते जा रहे है. बुनीयादी मुद्दे पर कोई चर्चा नही. जिला प्रशासन,सांसद का खेमा ,स्थानिय स्वराज संस्था और सताधारी पार्टीयों के नेताओं द्वारा जनता के हीत के कोई काम तो होते नही है, इस लिये युवाओं को उलजाकर रखने के लीये, षडयंत्र पुर्वक कुछ आयोजक लोगो को आर्थिक मदद देकर जान बुजकर युवाओं को मुख्य बिदुं से ध्यान भटका कर युवा धन को आये दिन क्रिकेट/स्पोर्ट्स में युवाओं को बीजी रखा जा रहा है, ताकी युवा वर्ग अपने हक अधिकार, मह्गाई,बेरोजगारी,भष्ट्राचार और निजीकरण जैसे मुख्य बिदुंओं पर बात नही करे और ध्यान भट्का कर रखा जा रहा है और यह सब नियोजन पुर्वक किया जा रहा है. ताकी युवा वर्ग एक जुट होकर अपने अधिकार के लिये सताधारी नेता और जिला प्र्शासन के विरुध्ध रैली,धरना और आंदोलन नही करे.अब तो प्रदेश कि जनता को अपने हक अधिकार कि लडाई लडने के लिये आगे आना होगा.क्योंकि जिला प्रशासन और सताधारी नेता मिलकर जनता को गुमराह कर रहे है.
प्रभु टॉकिया
कांग्रेस नेता,दा.न.ह कार्यालय द्वारा

