दादरा नगर हवेली पुन:ह 20 साल पिछे चला जायेगा.इस लिये विज दर नही बढाया जाये: प्रभु टोकिया कांग्रेस नेता
•अगर इसी तरह विज दर बढाते जायेगें तो बहुत जल्द यहा कि औधोगिक इकाइया गुजरात,महारास्ट्र में पलायन हो जायेंगी. और दादरा नगर हवेली पुन:ह 20 साल पिछे चला जायेगा.इस लिये विज दर नही बढाया जाये.प्रभु टोकिया,कांग्रेस नेता
•आज दा.न.ह में फिर दिखा चुने हुवे जन प्रतिनीधीयों का दोगलापन,विज दर बढाने को लेकर आज सिल्वासा में जे.ई.आर.सी द्वारा सुनवाई रखी गई.परंतु जनता द्वारा चुने हुवे जनप्रतिनीधी सुनवाई में नही पहुचे.
•दा.न.ह कि आम जनता करीब 3% जो घरेलु और अन्य वपराश करने वाले ग्राहक को विज दर बढोती से मुक्त रखा जाये.
जे.ई.आर.सी द्वारा विधुत दर बढाने को लेकर सिल्वासा दादरा नगर हवेली, कला केंद्र में जन सुनवाई रखी गई थी. परंतु जनता द्वारा चुने गया सांसद,जिला पंचायत,नगर पालिका और गृप ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधी और बीजेपी,शिव सेना और अन्य किसी भी रजाकीय पक्ष के नेता कोई नही दिखा. कितने अफ्सोस कि बात है. जनता ने जिनको वोट देकर अपना काम करने के लिये पाच साल दिये. परंतु जब जनता से जुडे मुद्दो पर रजुआत करने कि बात आती है तब वर्तमान में चुने हुवे जनप्रतिनीधी और राजकीय पक्ष के नेता गायब हो जाते है. आज जे.ई.आर.सी द्वारा करीब 10.00 बजे जन सुनावाई सुरु कि गई इस जन सुनवाई में, में स्वयम और काउंसिलर सुमन पटेल और कुछ औधोगिक एसोशियेसन के प्रतिनिधी उपस्थित रहे. दुख कि बात यह थी कि जे.ईआर.सी द्वारा विधुत दर बढाने को लेकर सुनवाई रखी थी परंतु इस सुनवाई में जनता द्वारा चुने गई जन प्रतिनीधी कोई उपस्थित नही रहे. टोरन्ट कम्पनी द्वारा पिटीशन नंबर 89/2022 द्वारा विधुत दर बढाने कि मांग रखी गई थी. इस सुनवाई में कांग्रेस के प्रतिनीधी के रुप में जे.ईआर. कमिशन समक्ष मेने स्पष्ट रुप से बात कही कि दादरा नगर हवेली बाहुल्य आदिवासी विस्तार है. इस विस्तार कि औधोगिक इकाईयों कि वजह से रेवन्यु इन्क्म मुख्यस्त्रोत है. और करीब 97% पावर औधोगिक इकाईयां करती 3% डोमेस्टीक एवं अन्य पावर युज करती है. अगर इसी तरह विज दर बढाते जायेगें तो बहुत जल्द यहा कि औधोगिक इकाइया गुजरात, महारास्ट्र में पलायन हो जायेंगी. क्योंकि यही एक फायदा मिलता है औधोगिक इकयाकों, केंद्र सरकार कि ओर से कोई विशेष योजना नही है औधोगिक इकायों के लिये, फिर दादरा नगर हवेली में औधोगिक इकाइयां क्यों रुकेंगी. अगर प्रति 5/6 महीने में इसी तरह विज दर टेरीफ बडाया जायेगा तो औधोगिक इकाया को पतन निशिच्त है. दुसरीबात यही भी रखी मिडीया के माध्य्म से मीली जानकारी के मुताबिक टोरन्ट कम्पनी द्वारा जब भारत सरकार के साथ करार किया गया था उस समय उस करार में यह बात स्पष्ट रुप से मेंशन कि गई है कि एक साल तक किसी भी प्रकार से विज दर का टेरीफ नही बढाया जायेगा एसी जानकारी प्रिंट मिडीया प्राप्त हुवी है. फिर विज दर क्यों बढाया क्यों जा रहा है ?
इस बाबत में कमिशन खुलाशा करे. तिसरी बात मेंने रखी कि प्रदेश कि आम जनता पहले से ही बहुत परेशान है, इस बात का भी ध्यान रखा जाये कि करीब 97% औधोगिक इकाईया विधुत वपराश करती है, फिर भी किसी कारनवस विज दर बढाने कि नौबत आती है तो गरीब आम जनता करीब 3% जो घरेलु और अन्य वपराश करने वाले ग्राहक है उनको विज दर बढोती से मुक्त रखा जाये. टोरन्ट विधुत कि सर्विस को लेकर आम जनता बहुत परेशान है लेकिन जनप्रतिनीधी गायब, नेतागिरी सबको करनी है परंतु प्रदेश कि जनता के मुद्दो पर कोई बात करना चाहता.
प्रभु टोकिया,कांग्रेस नेता

